परमेश्वर की खुदाई की शान और उसका एहसान, धन्यवाद मेहरबान, सब तेरी इज्जत
और इकराम, नहीं कोई तुझ से न तो किसी से, तो सक्षम तो निर्माता तो प्राणी,
तो भगवान सब कुछ तो ही तो,
छोटी छोटी किश्तों में वापसी
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होलिका
भीड़ -क्योटो खोजते हुए
मालवीय जी -माला पहने सावधान की मुद्रा में
भौकाल वाली बुलेट ट्रेन
भारत जाना तो कई बरसों में एक बार होता है मगर लौटना...




