दो हाथ वाले, चार हाथ वाले, बगैर हाथ वाले और बगैर दिखाई देने वाले, क़बरों मे सोए हुए सूली पर लटके हुए हर किसम के भगवान...............
मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला
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हर चीज सबके लिए नहीं होती। यह बात तिवारी जी को तब समझ आई जब जोश जोश में
मोहल्ले के पार्क में वो भी सबकी देखा देखी योगा दिवस के दिन योगा करने पहुँच
गए।...

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