मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला
-
हर चीज सबके लिए नहीं होती। यह बात तिवारी जी को तब समझ आई जब जोश जोश में
मोहल्ले के पार्क में वो भी सबकी देखा देखी योगा दिवस के दिन योगा करने पहुँच
गए।...
Saturday, May 23, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Write in to your own language
1

1 टिप्पणियाँ:
आपने अकेले अकेले आइसक्रीम खाई है ना पापा? :)
Post a Comment