तुम आदत में शुमार हो मेरी
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प्याली से उठती भाप
जाने कहाँ खो गई
चाय की उस आखिरी
चुस्की के साथ
मगर चाय का स्वाद
घुल रहा है अब भी
जुबान पर मेरी
और नथुनों में बस रही है
...
चलता फिरता ब्लॉग چلتا پھرتا بلاگ
2 टिप्पणियाँ:
तभी तो जहाज डूब गया था. :)
हैप्पी हनिमून कहने को जी चाहता है. :)
ha ha ha ha
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