तुम अनंत हो
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तुम अनंत हो -----------------
मैं रेत पर लिखता हूँ अपना नाम और
फिर देर तक उसमें खोजता हूँ तुमको!
तुम दिखने ही वाली थी कि
आकर एक लहर पोंछ जाती है मु...
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4 टिप्पणियाँ:
:) सचमुच ऐसा हो सकता है?!!
वाह! क्या सदुपयोग है! जबर्दस्त !
घुघूती बासूती
ha ha ha ..mast hai ji.
PAHLE AADMI PAHNEGA FIR AAURAT
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