मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला
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हर चीज सबके लिए नहीं होती। यह बात तिवारी जी को तब समझ आई जब जोश जोश में
मोहल्ले के पार्क में वो भी सबकी देखा देखी योगा दिवस के दिन योगा करने पहुँच
गए।...
Tuesday, May 05, 2009
रूस के भिखारी - नया अंदाज़
एक हमारे देश के भी भिखारी होते हैं भूखे नंगे प्यासे। और ये देखो रूसी भिखारी, वाह क्या अंदाज़ है इनका।













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