और बड़े कमाल का है ज़रा ग़ौर से देखें।
मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला
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हर चीज सबके लिए नहीं होती। यह बात तिवारी जी को तब समझ आई जब जोश जोश में
मोहल्ले के पार्क में वो भी सबकी देखा देखी योगा दिवस के दिन योगा करने पहुँच
गए।...

5 टिप्पणियाँ:
Excellent informative graphics. Enjoyed it.
है तो वाकई कमाल का. आभार.
सच में शानदार, कमाल का ग्राफ़िक्स.
धन्यवाद.
क्या कुस्ती है।
कल और आज के ब्राउजर्स को रोचक ढंग से चित्रित किया है.
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